Love Letters
शालिनी को पत्र
शालिनी को पत्र
Written by Nishikant Tiwari Saturday, 16 January 2010 03:04
Love Letters
क्या सभी लड़के एक जैसे होते है ? शायद नहीं | पहले मैं भी यही सोचता था क्योंकिं मैं खुद को दूसरो से अलग मानता था |अपनी तारीफ़ कौन नहीं करता |मेरे अंदर वो छिछोरापन नहीं जो किसी भी लड़की को देखते हीं उछंक्रिलता पर उतर जाए |मैं सभी लड़कियों की इज्ज़त करता हूँ और शायद हीं कभी अपनी मर्यादा का उलंघन करता हूँ |यही सोच के सुमित ने मेरी आपसे जान-पहचान कराई थी |वह इतनी दूर अमेरिका में है और आप दिल्ली में |आपका ख्याल नहीं रख सकता तभी तो उसने मेरी आपसे दोस्ती कराई ताकि आपको कोई परेशानी या समस्या होतो आपकी मदद कर सकूँ | उसे मुझ पर पूरा भरोसा था और मुझे अपने आप पर भी लेकिन आपसे इतना घुल मिल जाने के बाद मेरा अपने आप से भरोसा उठने लगा है |
अब मैं क्या कहूँ ,आपसे यह सब कहते हुए बड़ा संकोच हो रहा है पर कहना ज़रूरी है | धीरे-धीरे आपका नशा दिलोदिमाग पर इस तरह से छा गया है कि लाख नहीं चाह कर भी मन आपके बारे में हीं सोचता रहता है | आपके साथ बिताये एक-एक पल को रात रात भर जाग केर याद करता रहता हूँ |जब भी मोबाइल की घंटी बजती है ,लगता है आप हीं का फ़ोन है | आप कहा करती थी ना कोई भी लड़का आपका दोस्त बन कर नहीं सकता उसे आपसे प्यार हो ही जाता है | हाँ आप सही थीं | आप जितनी हीं खुबसूरत है उतना हीं खुबसूरत है आपका स्वभाव | आपके व्यक्तित्व का आकर्षण हीं ऐसा है कि कोई खींचे बिना नहीं रह सकता | दीवाना बन हीं जाता है | मुझे अपनेआप पर भरोसा था गुरुर की हद तक पर अब तो मुझमें आप हीं आप हैं मैं ना जाने कहाँ खो गया | समझ में नहीं आता की इल्जाम किस पर लगाऊं, अपने आप पर या आपकी अदाओं पर |
| Next > |
|---|
online users
Latest Comments
- 2010-03-10 00:10:34 ...
that is a good one.bring some more en... - 2010-02-27 03:09:53 ...
i m totly agree with paraksh, she sho... - 2010-02-25 20:34:41 ...
hi good story bravo i am from vo... - 2010-02-25 20:32:15 ...
hi nishikant a very good and reali... - 2010-02-21 19:32:33 ...
well hi to all...i think ki soumya sa... - 2010-02-20 18:59:28 ...
- 2010-02-20 18:58:23 ...
कॉलेज से निकलते हीं मुझे एक सॉफ्टवेर ...
