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हांथो में आ गया जो कल रुमाल आपका ,स्वेन फ्लू
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Written by Administrator Thursday, 27 August 2009 20:46

वो भी क्या दिन थे जब आशिक लड़कियों के रुमाल के लिए मारा करते थे |अगर गलती से किसी लड़की का रुमाल मिल जाए तो खुद को खुशनसीब समझते थे |उस रुमाल को जान से भी ज्यादा प्यार करते |उसे तकिये के नीचे रख के सोते |मैं भी सदा यही सपने देखा करता कि काश किसी लड़की रुमाल मेरे हाथ में भी आता | इस रुमाल को लेकर हमारे गीतकारों ने जाने कितने गीत लिखे |जैसे काली टोपी लाल रुमाल ,रेशम का रुमाल आदि | ये रुमाल जो इतना सर आँखों पर चढा था स्वेन फ्लू ने इसकी ऐसी तैसी करके रख दी है | इस रुमाल, जिसे मैं पाने के सपने देखा करता था कल अचानक से मेरे पास आ गया |हुआ यूँ कि कल एक सहेली मुझसे बात करते करते अपना रुमाल भूल गयी |
पर इस रुमाल को लेकर मै बड़ी दुविधा में पड़ गया हूँ | आप पूछेंगे , भला क्यों ? अरे इस स्वेन फ्लू की वजह से | इस रुमाल को न फेंकते बनता है न रखते | इस पर मुझे एक गाना याद आ रहा है ..
हांथो में आ गया जो कल रुमाल आपका
बेचैन केर रहा है ख्याल आपका ... कि कहीं आपको स्वेन फ्लू तो नहीं क्योकि कल आप छींक रहीं थी |
एक तो ऐसे भी आज कल रुमाल रखने का चलन कम हो गया है ,लोग नेपकिन प्रयोग करने लगे है |फिर जाने कब इस रुमाल को पाने का सौभाग्य प्राप्त हो | अगर फेंक दूँ तो उस युवती पर अत्याचार होगा और अगर ना फेंकू तो शायद फिर कभी कोई अत्याचार करने के लिए हीं ना बचूं | बड़े संकट में हूँ | आप हीं कोई उपाय सुझाये |
By Nishikant Tiwari
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- 2010-03-10 00:10:34 ...
that is a good one.bring some more en... - 2010-02-27 03:09:53 ...
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कॉलेज से निकलते हीं मुझे एक सॉफ्टवेर ...
