It was a very nice idea! Just wanna say thank you for the information you have shared wholesale nfl jerseys | wholesale nfl jerseys. Drew Brees Saints Jersey | Drew Brees Saints Jersey. Philip Rivers Chargers Jersey | Philip Rivers Chargers Jersey.Reggie Bush Saints Jersey | Reggie Bush Saints Jersey.If you pay attention on the Tim Tebow Broncos Jersey | Tim Tebow Broncos Jersey,you will see that so many famouse nfl stars jerseys such as Troy Polamalu Steelers Jersey | Troy Polamalu Steelers Jersey.Now we also have Brett Favre Vikings Jersey | Brett Favre Vikings Jersey.Additionally, we also provide you with comfortable and fashionable Donovan McNabb Redskins Jersey | Donovan McNabb Redskins Jersey.Just have Tom Brady Patriots Jersey | Tom Brady Patriots Jersey now!
Written by Munsi Premchand Wednesday, 09 September 2009 18:58
Munsi Premchand Stories
कमलाचरण के मित्र
जैसे सिन्दूर की लालिमा से मांग रच जाती है, जैसे ही विरजन के आने से प्रेमवती के घर की रौनक बढ गयी। सुवामा ने उसे ऐसे गुण सिखाये थे कि जिसने उसे देखा, मोह गया। यहां तक कि सेवती की सहेली रानी को भी प्रेमवती के सम्मुख स्वीकार करना पड़ा कि तुम्हारी छोटी बहू ने हम सबों का रंग फीका कर दिया। सेवती उससे दिन-दिन भर बातें करती और उसका जी न ऊबता। उसे अपने गाने पर अभिमान था, पर इस क्षेत्र में भी विरजन बाजी ले गयी।
अब कमलाचरण के मित्रो ने आग्रह करना शुरू किया कि भाई, नई दुलहिन घर में लाये हो, कुछ मित्रों की भी फिक्र करों। सुनते है परम सुन्दरी पाये हो।
कमलाचरण को रूपये तो ससुराल से मिले ही थे, जेब खनखनाकर बोले-अजी, दावत लो। शराबें उड़ाओ। हॉ, बहुत शोरगुल न मचाना, नहीं तो कहीं भीतर खबर होगी तो समझेगें कि ये गुण्डे है। जब से वह घर में आयी है, मेरे तो होश उड़े हुए है। कहता हूं, अंग्रेजी, फारसी, संस्कृत, अलम-गलम सभी घोटे बैठी है। डरता हूं कहीं अंग्रेजी में कुछ पूछ बैठी, या फारसी में बातें करने लगे, मुहॅ ताकने के सिवाय और क्या करूंगा ? इसलिए अभी जी बचाता फिरता हूं।
यों तो कमलाचरण के मित्रों की संख्या अपरिमित थी। नगर के जितने कबूतर-बाज, कनकौएबाजा गुण्डे थे सब उनके मित्र परन्तु सच्चे मित्रों में केवल पांच महाशय थे और सभी-के-सभी फाकेमस्त छिछोरे थे। उनमें सबसे अधिक शिक्षित मिया मजीद थे। ये कचहरी में अरायज किया करते थे। जो कुछ मिलता, वह सब शराब में भेट करते। दूसरा नम्बर हमीदंखा का था। इन महाशय ने बहुत पैतृक संपति पायी थी, परन्तु तीन वर्ष में सब कुछ विलास में लुटा दी। अब यह ढंग था कि सांय को सज-धजकर गालियों में धूल फॉकते फिरते थे। तीसरे हजरत सैयद हुसैन थे-पक्के जुआरी, नाल के परम भक्त, सैकंडों के दांव लगाने वाले, स्त्री गहनों पर हाथ मॉजना तो नित्य का इनका काम था। शेष दो महाशय रामसेवकलालल और चन्हदूलाल कचहरी में नौकर थे। वेतन कम, पर ऊपरी आमदनी बहुत थी। आधी सुरापान की भेट करते, आधी भोग-विलास में उडाते। घर में लोग भूखे मरे या भिक्षा मॉगें, इन्हें केवल अपने सुख से काम था।
सलाह तो हो चुकी थी। आठ बजे जब डिप्टी साहब लेटे तो ये पॉचों जने एकत्र हुए और शराब के दौर चलने लगे। पॉचों पीने में अभ्यस्त थे। अब नशे का रंग जमा,बहक-बहककर बातें करने लगे।
मजीद-क्यों भाई कमलाचरण, सच कहना, स्त्री को देखकर जी खुश हो गया कि नहीं ?
कमला-अब आप बहकने लगे क्यों ?
रामसेवक-बतला क्यों नहीं देते, इसमें झेंपने की कौन-सी बात है ?
कमला-बतला क्या अपना सिर दूं, कभी सामने जाने का संयोग भी तो हुआ हो। कल किवाड़ की दरार से एक बार देख लिया था, अभी तक चित्र ऑखों पर फिर रहा है।
चन्दूलाल-मित्र, तुम बड़े भाग्यवान हो।
कमला-ऐसा व्याकुल हुआ कि गिरते-गिरते बचा। बस, परी समझ लो।
मजीद-तो भई, यह दोस्ती किस दिन काम आयेगी। एक नजर हमें भी दिखाओं।
सैयद-बेशक दोस्ती के यही मानी है कि आपस में कोई पर्दा न रहे।
चन्दूलाल-दोस्ती में क्या पर्दा ? अंग्रेजो को देखों,बीबी डोली से उतरी नहीं कि यार दोस्त हाथ मिलाने लगे।
रामसेवक-मुझे तो बिना देखे चैन न आयेगा ?
कमला-(एक धप लगा कर) जीभ काट ली जायेगी, समझे ?
रामसेवक-कोई चिन्ता नहीं, ऑखें तो देखने को रहेंगी।
मजीद-भई कमलाचरण, बुरा मानने की बात नहीं, अब इस वक्त तुम्हारा फर्ज है कि दोस्तों की फरमाइश पूरी करो।
कमला-अरे। तो मैं नहीं कब करता हूं ?
चन्दूलाल-वाह मेरे शेर। ये ही मर्दों की सी बातें है। तो हम लोग बन-ठनकर आ जायॅ, क्यों ?
कमला-जी, जरा मुंह में कालिख लगा लीजियेगा। बस इतना बहुत है।
सैयद-तो आज ही ठहरी न।
इधर तो शराब उड़ रही थी, उधर विरजन पलंग पर लेटी हुई विचार में मग्न हो रही थी। बचपन के दिन भी कैसे अच्छे होते हैं। यदि वे दिन एक बार फिर आ जाते। ओह। कैसा मनौहर जीवन था। संसार प्रेम और प्रीति की खान थी। क्या वह कोई अन्य संसार था ? क्या उन दिनों संसार की वस्तुए बहुत सुन्दर होती थी ? इन्हीं विचारों में ऑख झपक गयी और बचपन की एक घटना आंखों के सामने आ गयी। लल्लू ने उसकी गुडिया मरोड दी। उसने उसकी किताब के दो पन्ने फाड दिये। तब लल्लू ने उसकी पीठ मं जोर से चुटकी ली, बाहर भागा। वह रोने लगी और लल्लू को कोस रही थी कि सवामा उसका हाथ पकडे आयी और बोली-क्यों बेटी इसने तुम्हें मारा है न ? यह बहुत मार-मार कर भागता है। आज इसकी खबर लेती हं, देखूं कहां मारा है। लल्लू ने डबडबायी ऑखों से विरजन की ओर देखा। तब विरजन ने मुस्करा कर कहा-मुझे उन्हांने कहॉ मारा है। ये मुझे कभी नहीं मारते। यह कहकर उसका हाथ पकड लिया। अपने हिस्से की मिठाई खिलाई और फिर दोनों मिलकर खेलने लगे। वह समय अब कहां 9
रात्रि अधिक बीत गयी थी, अचानक विरजन को जान पडा कि कोई सामने वाली दीवार धमधमा रहा है। उसने कान लगाकर सुना। बराबर शब्द आ रहे थे। कभी रूक जाते फिर सुनायी देते। थोडी देर में मिट्टी गिरन लगी। डर के मारे विरजन के हाथ-पांव फूलने लगे। कलेजा धक-धक करने लगा। जी कडा करके उठी और महराजिन चतर स्त्री थी। समझी कि चिल्लाऊंगी तो जाग हो जायेगी। उसने सुन रखा था कि चोर पहिले सेध में पांव डालकर देखते है तब आप घुसते है। उसने एक डंडा उठा लिया कि जब पैर डालेगा तो ऐसा तानकर मारूंगी कि टॉग टूट जाएगी। पर चोर न पांव के स्थन पर सिर रख दिया। महराजिन घात मं थी ही डंडा चला दिया। खटक की आवाज आयी। चोर न झट सिंर खीच लिया और कहता हुआ सुनायी दिया-‘उफ मार डाला, खोपडी झन्ना गयी’। फिर कई मनुष्यों के हॅसने की ध्वनि आयी और तत्पश्चात सन्नाटा हो गया। इतने में और लोग भी जाग पडे और शेष रात्रि बातचीत में व्यतीत हुई।
प्रात:काल जब कमलाचरण घर मं आये, तो नेत्र लाल थे और सिर में सूजन थी। महराजिम ने निकट जाकर देखा, फिर आकर विरजन से कहा-बहू एक बात कहूं। बुरा तो न मानोगी ?
विरजन – बुरा क्यों मानूगीं, कहो क्या कहती हो?
महराजिन – रात को सेंध पड़ी थी वह चोरों ने नहीं लगायी थी।
विरजन –फिर कौन था?
महराजिन – घर ही के भेदी थे। बाहरी कोई न था।
विरजन – क्या किसी कहारन की शरारत थी?
महराजिन – नहीं, कहारों में कोई ऐसा नहीं है।
विरजन – फिर कौन था, स्पष्ट क्यों नहीं कहती?
महाराजिन – मेरी जान में तो छोटे बाबू थे। मैंने जो लकड़ी मारी थी, वह उनके सिर में लगी। सिर फूला हुआ है।
इतना सुनते ही विरजन की भृकुटी चढ़ गयी। मुखमंडल अरुण हो आया। क्रुद्व होकर बोली – महराजिन, होश संभालकर बातें करो। तुम्हें यह कहते हुए लाज नहीं आती? तम्हें मेरे सम्मुख ऐसी बात कहने का साहस कैसे हुआ? साक्षात् मेरे ऊपर कलंक का टीका लगा रही हो। तुम्हारे बुढ़ापे पर दया आती है, नहीं तो अभी तुम्हें यहां से खड़े-खड़े निकलवा देती। तब तुम्हें विदित होता कि जीभ को वश में न रखने का क्या फल होता है! यहां से उठ जाओ, मुझे तुम्हारा मुंह देखकर ज्वर-सा चढ़ रहा है। तुम्हें इतना न समझ् पड़ा कि मैं कैसा वाक्य मुंह से निकाल रही हूं। उन्हें ईश्वर ने क्या नहीं दिया है? सारा घर उनका है। मेरा जो कुछ है, उनका है। मैं स्वयं उनकी चेरी हूं। उनके संबंध में तुम ऐसी बात कह बैठीं।
परन्तु जिस बात पर विरजन इतनी क्रुद्व हुई, उसी बात पर घर के और लोगों को विशवास हो गया। डिप्टी साहब के कान में भी बात पहुंची। वे कमलाचरण को उससे अधिक दुष्ट-प्रकृति समझते थे, जितना वह था। भय हुआ कि कहीं यह महाशय बहू के गहनों पर न हाथ बढ़ायें: अच्छा हो कि इन्हें छात्रालय में भेज दूं। कमलाचरण ने यह उपाय सुना तो बहुत छटपटाया, पर कुछ सोच कर छात्रालय चला गया। विरजन के आगमन से पूर्व कई बार यह सलाह हुई थी, पर कमला के हठ के आगे एक भी न चलती थी। यह स्त्री की दृष्टि में गिर जाने का भय था, जो अब की बार उसे छात्रालय ले गया।
----------------------------------------------------------समाप्त-------------------------------------------------------
-
Thank you for your sharing.I'm very interested in wholesale mlb jerseys | wholesale mlb jerseys.There are so many famouse mlb stars jerseys,we have Derek Jeter Yankees Jersey | Derek Jeter Yankees Jersey.So I an fascinated to the Chase Utley Phillies Jersey | Chase Utley Phillies Jersey,no matter any one of mlb stars juse like Joe Mauer Twins Jersey | Joe Mauer Twins Jersey and Dustin Pedroia Red Sox Jersey | Dustin Pedroia Red Sox Jersey,which are my best witness as the Albert Pujols Cardinals Jersey | Albert Pujols Cardinals Jersey fans!
-
Dallas Cowboys shop
Cowboys Jerseys
Marion Barber Jersey
Miles Austin Jersey
Tony Romo Jersey
Dez Bryant Jersey
Drew Brees Jerseys
Reggie Bush Jerseys
Garrett Hartley Jerseys
Saints Jerseys
Saints Shop
Jets Jerseys
Mark Sanchez Jersey
LaDainian Tomlinson Jersey
Saint Super Bowl Jerseys
Scott Fujita Jerseys
Adam Jones Jersey
Bill Bates Jersey
DeMarcus Ware Jersey
Emmitt Smith Jersey
Felix Jones Jersey
Jason Witten Jersey
Roger Staubach Jersey
Roy L. Williams Jersey
Roy Williams Jersey
Tashard Choice Jersey
Terence Newman Jersey
Tony Dorsett Jersey
Troy Aikman Jersey
Cowboys Men's Jersey
Cowboys Replica Jersey
Cowboys Premier Jersey
Cowboys Authentic Jersey
Cowboys Personalized Jersey
Cowboys Women's Jersey
Cowboys Kids Jersey
Cowboys Hat
Archie Manning Jerseys
Marques Colston Jerseys
Jeremy Shockey Jerseys
Lance Moore Jerseys
Sedrick Ellis Jerseys
Robert Meachem Jerseys
Devery Henderson Jerseys
-
Coach handbags are quality products with a reputable name standing behind them. Coach Bags are large and roomy, yet still highly fashionable and in great demand. Cheap Coach Purses come in a variety of styles, colors and materials. all are appropriately decorated and Coach Handbags very durable. One of the most popular styles made by Coach today is the hobo handbag. The Coach Purse is a classic and functional style that women love. Coach manufactures its Coach Outlet Store from quality materials with detailed craftsmanship. With all of these advantages, its no wonder that Coach Outlet handbags are so popular.
-
Apparel fashion trends and fashion sense nike dunks shoes are total two different types of style. We as fashion gurus live and breath nike high dunks to distinguish the difference and judge life styles by this. Thats why fashion is one of the nike dunk sb billion dollars industries in the world. apparel fashion has become a main part of high top dunks life now a day. apparel fashion not only shows personality, creativity, character but most of nike sb high all status of class. With out conscious effort we compliment, judge or envy fashion mens nike shox r4 on others which in end drives us to have or work for better wear.
Powered by !JoomlaComment 4.0 beta2
| < Prev | Next > |
|---|
Latest Comments
- 2010-09-04 08:21:35 ...
The new store offers a variety of li... - 2010-09-04 08:21:23 ...
link:http://www.coachoutlet.cc/ beco... - 2010-09-04 08:13:53 ...
link:http://www.coachoutlet.cc/ beco... - 2010-09-04 08:13:31 ...
The new store offers a variety of li... - 2010-09-04 08:13:22 ...
link:http://www.coachoutlet.cc/ beco... - 2010-09-04 08:04:55 ...
The new store offers a variety of li... - 2010-09-04 08:04:45 ...
link:http://www.coachoutlet.cc/ beco...
Login
Online Members
None
